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Rashmi Lata Mishra

Abstract

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Rashmi Lata Mishra

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तदवीर

तदवीर

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तकदीर से बड़ी

तदवीर होती है

वही सबसे बड़ी 

जागीर होती है 

करनी हो हासिल

मंजिल तो


तकदीर से पहले

तदवीर जरूरी

होती है

तदवीर दिमाग की

तो तकदीर दिल

की उपज है।

 

दिल हद केवल सोच

तक है 

अंजाम की डगर

तो बस तदवीर होती है 


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