STORYMIRROR

Ms. Nikita

Classics Inspirational

4  

Ms. Nikita

Classics Inspirational

तैयारी

तैयारी

1 min
43

एक मानव रहा

डरा-डरा सा

भयभीत नहीं, तो

निर्भीक कहाँ


प्रयास कर

प्रयास कर

न रो, न खो

दिखा दे

बेरुखे ज़माने को

कि तू करे


प्रयास पूरा

तो बन जाए

नया जहाँ

एक नया समा

एक नया नया


तब रहकर

मानव जीवन में

तू ही

एक रह जाएगा

जिसके जग भी

गुण गाएगा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics