Ms. Nikita
Classics Inspirational Others
काला धंधा
काला बाज़ार
काला धन
काला ही मन
काला ही काल
काला ही हृदय
काला ही कल्प
काला ही कर्त्तव्य
काली ही गतिविधि
काला ही प्रतिनिधि
ऊपर से जो
दिखता मानव
नहीं वैसा वह
भीतर से
नहीं है उसमें
ज़रा सी भी लज्जा
क्या प्रमाण है
उसके संगठन का !
आत्मघात
दो पल
प्रमाण
अनुमति
जाने कहाँ गए ...
जैसे-तैसे
जीवित जीवन
क्या हुआ
तैयारी
व्यक्त कर
जो उन सभी का है, जिनके ह्रदय में आस्था, विश्वास और भक्ति भाव विराजमान है । जो उन सभी का है, जिनके ह्रदय में आस्था, विश्वास और भक्ति भाव विराजमान है ।
पावन घर को कर गए, पुरखे बारम्बार। उनके ही वरदान से, हरे- भरे घर-द्वार।। पावन घर को कर गए, पुरखे बारम्बार। उनके ही वरदान से, हरे- भरे घर-द्वार।...
पूजे जो जन मन से दुख क्लेश सब मिट जाता।। पूजे जो जन मन से दुख क्लेश सब मिट जाता।।
मैया अति प्रसन्न होकर अखंड सौभाग्य वर देवें जय जय गौरी माता, मैया जय महागौरी माता। मैया अति प्रसन्न होकर अखंड सौभाग्य वर देवें जय जय गौरी माता, मैया जय महागौरी ...
मयूर हरा, ताजगी और करूणा का प्रतीक। मयूर हरा, ताजगी और करूणा का प्रतीक।
सिर नवा के चरण में पिता के, राम जी देखो वन को चले हैं। सिर नवा के चरण में पिता के, राम जी देखो वन को चले हैं।
मैं कैसे नफ़रत करूं ? जिनके बुनियाद पर मेरा वजूद है ? मैं कैसे नफ़रत करूं ? जिनके बुनियाद पर मेरा वजूद है ?
विपरीत स्वभाव वाले समायोजन के लिए बदल जाते हैं। विपरीत स्वभाव वाले समायोजन के लिए बदल जाते हैं।
खुश हूं ऐसा लगता है पर दिल में ना जाने क्यों इतने अरमान काम। खुश हूं ऐसा लगता है पर दिल में ना जाने क्यों इतने अरमान काम।
रामत्व को जगाएं, अहंकार रूपी रावणत्व का दहन होगा तभी। रामत्व को जगाएं, अहंकार रूपी रावणत्व का दहन होगा तभी।
फिर शैलपुत्री के नाम से जन्मी, भगवान शिवजी की, फिर से अर्धांगिनी बनी। फिर शैलपुत्री के नाम से जन्मी, भगवान शिवजी की, फिर से अर्धांगिनी बनी।
ना सीमा में बॉंधना जा सकता है वे ही विद्यमान हैं ,वे ही गतिमान हैं। ना सीमा में बॉंधना जा सकता है वे ही विद्यमान हैं ,वे ही गतिमान हैं।
दिखाने की अवसर मिला है ये ही नवरात्रि का उत्सव है। दिखाने की अवसर मिला है ये ही नवरात्रि का उत्सव है।
इस बार दशहरा में अपनी बुराइयों का रावण जलाते है। इस बार दशहरा में अपनी बुराइयों का रावण जलाते है।
कर दो पावन मेरा जीवन, चाहत है माँ अभिरक्षण की।। कर दो पावन मेरा जीवन, चाहत है माँ अभिरक्षण की।।
सुख वैभव पावे, कष्ट रोग से भी मुक्त हो जावे। सुख वैभव पावे, कष्ट रोग से भी मुक्त हो जावे।
मेरे देश में शिक्षक का, ऐसा आदर-सम्मान होता है।। मेरे देश में शिक्षक का, ऐसा आदर-सम्मान होता है।।
साधक इसी रंग के वस्त्र, पुष्प ले मैया को रिझाता। साधक इसी रंग के वस्त्र, पुष्प ले मैया को रिझाता।
शिव विश्वासपूर्ण बोध से जाननेवाले परमात्मा हैं महागौरी शिवस्वरूप का बोध कराने वाली विद शिव विश्वासपूर्ण बोध से जाननेवाले परमात्मा हैं महागौरी शिवस्वरूप का बोध कराने...
भरे झोली मां लोगों की खुशियों को अपने द्वार पाया, देखों, नवरात्रि पर्व आया। भरे झोली मां लोगों की खुशियों को अपने द्वार पाया, देखों, नवरात्रि पर्व आय...