Ms. Nikita
Classics Inspirational Others
काला धंधा
काला बाज़ार
काला धन
काला ही मन
काला ही काल
काला ही हृदय
काला ही कल्प
काला ही कर्त्तव्य
काली ही गतिविधि
काला ही प्रतिनिधि
ऊपर से जो
दिखता मानव
नहीं वैसा वह
भीतर से
नहीं है उसमें
ज़रा सी भी लज्जा
क्या प्रमाण है
उसके संगठन का !
आत्मघात
दो पल
प्रमाण
अनुमति
जाने कहाँ गए ...
जैसे-तैसे
जीवित जीवन
क्या हुआ
तैयारी
व्यक्त कर
कहा अब मेरे संघर्ष की सीमा न रही, और धरती की गोद में समाने लगी। कहा अब मेरे संघर्ष की सीमा न रही, और धरती की गोद में समाने लगी।
श्राद्ध कर्म करना सदा,रखना तुम यह याद पितरों के सत्कर्म से,मिट जाए अवसाद।। पितृदेव: श्राद्ध कर्म करना सदा,रखना तुम यह याद पितरों के सत्कर्म से,मिट जाए अवसाद।। ...
क्या मुहब्बत में दिलों से ऐसी ही खबर आती है। क्या मुहब्बत में दिलों से ऐसी ही खबर आती है।
ज़िंदगी को चेहरे पर मेरे मुस्कुराहट पसंद नहीं दिल की चौखट पे हो कोई आहट पसंद नहीं ज़िंदगी को चेहरे पर मेरे मुस्कुराहट पसंद नहीं दिल की चौखट पे हो कोई आहट पसंद...
दिल अपना टूटा हो कितना ही, पर आँखों में आँसू नहीं लाता हूँ। क्योंकि लड़के रोते नहीं, दिल अपना टूटा हो कितना ही, पर आँखों में आँसू नहीं लाता हूँ। क्योंकि लड़...
कुदरत की है देन अनोखी जीवन है अनमोल, मोल समझ पाया जो इसका वही जिया दिल खोल । अगले कुदरत की है देन अनोखी जीवन है अनमोल, मोल समझ पाया जो इसका वही जिया दिल खोल ।...
अपने माँ बाप के बेहद करीब हूँ मैं खुदा का शुक्र है खुशनसीब हूँ मैं। कुछ बड़ा होकर- अपने माँ बाप के बेहद करीब हूँ मैं खुदा का शुक्र है खुशनसीब हूँ मैं। कु...
थम सा गया हूँ मैं उन लम्हों में, जब उस हूर को देख लिया था इन आंखों ने, झूम रहा था म थम सा गया हूँ मैं उन लम्हों में, जब उस हूर को देख लिया था इन आंखों ने, ...
माँ की दी हुई सीख याद रखना, कि हम लड़के कभी रोते नहीं हैं। माँ की दी हुई सीख याद रखना, कि हम लड़के कभी रोते नहीं हैं।
फिर भी है बेटे की अभिलाषा, स्त्री अबॉर्शन पे हैं मजबूर। फिर भी है बेटे की अभिलाषा, स्त्री अबॉर्शन पे हैं मजबूर।
रचता खेल बना कठपुतली रंगमंच पे। रचता खेल बना कठपुतली रंगमंच पे।
तुम्हारे ना आने का ग़म भी अब होता नहीं तुम्हारे ना आने का ग़म भी अब होता नहीं
तेरी आना सदा सम्मान रहे हैं मान से प्यारा शिवम् वतन। तेरी आना सदा सम्मान रहे हैं मान से प्यारा शिवम् वतन।
ऐसा इन्हें, व्यवहारिक ज्ञान और प्रशिक्षण देना। ऐसा इन्हें, व्यवहारिक ज्ञान और प्रशिक्षण देना।
गर्मी के जब दिन है आते, छांव तले लोग आ जाते। गर्मी के जब दिन है आते, छांव तले लोग आ जाते।
राम कर्म में पुरुषोत्तम है, राम कर्म में पुरुषोत्तम है,
बसा छोटा सा शहर जहाँ पर है मेरा नन्हा सा घर बसा छोटा सा शहर जहाँ पर है मेरा नन्हा सा घर
खुद को खोना चाहता हूँ खुद को पाना चाहता हूँ। खुद को खोना चाहता हूँ खुद को पाना चाहता हूँ।
उस दिन जब दुनिया ने मिलकर प्रेम-पर्व मनाया था , नफ़रत ने भी पुलवामा पर मायाजाल फैलाया उस दिन जब दुनिया ने मिलकर प्रेम-पर्व मनाया था , नफ़रत ने भी पुलवामा पर म...
ज़िन्दगी इस तरह, मेरी पामाल है, मेरी हर चाल पर, उसकी इक चाल है। लुट गया चैन है, नीं ज़िन्दगी इस तरह, मेरी पामाल है, मेरी हर चाल पर, उसकी इक चाल है। लुट गया...