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Ms. Nikita

Abstract

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Ms. Nikita

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जैसे-तैसे

जैसे-तैसे

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हवा हो गया

प्रेेम सारा

बढा था जो

प्रेेेमियों में,

सितारों ने भी

मोड़ लिया मुुख

देेेखकर इनकी

कारिस्तानी को,

बडा ज़ुल्म हुआ

उन अपनों पर

दिल टूटा जिनका,

सपनों पर

न कोई रहे

हालात खराब

पर खुुुशी न 

थी उनके भी पास,

अब करें भी क्या

कोई छोर नहीं

हर कदम पेेेेेेेेेेे शिकवे

कोई शोर नहीं

कोई शोर नहीं,

जैैसेेेे-तैसे 

जो आए यहाँ

कुुछ खून जवाां

कुछ इश्क़ रवां॥ 


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