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Rajeev Kumar

Inspirational

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Rajeev Kumar

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स्वतंत्रता

स्वतंत्रता

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स्वतंत्रता के पुजारी ने

फूँक दिया ऐसा मंत्र

कि सिंहासन डोल गया

विचलीत हो गया परतंत्र।


आत्मविश्वास से आई जागृति

बढ़ी आंदोलनकारी प्रवृति

सोच उनकी प्रगति या तो विरगति

चाहे हो शत्रु के पास कोई भी यंत्र।


साहस से पराजित दुःस्साहस

देशभक्तों ने किया मृत्यू से अट्ठाहस

आंदोलनकारियों का बढ़ा कर ढाढस

कर गए देश को स्वतंत्र।

शहीदों के समर्पण का मुल्य

है अराधना, हैं देवतुल्य

हो चुके अब स्वतंत्र

अब संभालो लोकतंत्र।


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