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Rajeev Kumar

Others

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Rajeev Kumar

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जिंदगी

जिंदगी

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बजाना जिंदगी का साज

चाहे खुश हो चाहे नाराज।


जिंदगी जीने का यही अंदाज

खुशी पंख तो गम परवाज।


जिंदगी उसको पहनाती ताज

तालमेल बिठाए जो दिल-दिमाग की आवाज।


गुजरे वक्त से सबक, जी लो आज

अंजाम से पहले कर लो आगाज।


तुमको जिंदगी से भले हो शिकायत

जिंदगी को तुम पर है नाज।



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