STORYMIRROR

Rajeev Kumar

Others

4  

Rajeev Kumar

Others

जिंदगी

जिंदगी

1 min
299


बजाना जिंदगी का साज

चाहे खुश हो चाहे नाराज।


जिंदगी जीने का यही अंदाज

खुशी पंख तो गम परवाज।


जिंदगी उसको पहनाती ताज

तालमेल बिठाए जो दिल-दिमाग की आवाज।


गुजरे वक्त से सबक, जी लो आज

अंजाम से पहले कर लो आगाज।


तुमको जिंदगी से भले हो शिकायत

जिंदगी को तुम पर है नाज।



Rate this content
Log in