STORYMIRROR

Kishanlal Sharma

Tragedy

3  

Kishanlal Sharma

Tragedy

सूना

सूना

1 min
202

भोर होते ही

चिड़ियों का चहकना

शुरु हो जाता


और

आंगन में लगे

गुलमोहर के पेेेड़ पर

दिन भर  चिड़िया

ची ची करके आंगन

गंदा करती रहती


चिड़ियों का शोर सुनते सुनते

और आंगन से गंदगी

साफ करते करते

वह परेशान थी और

पेड़ को कटवाना चाहती थी


लेकिन

सास को पेड़ से

संतान से प्यार था

लेकिन

सास के गुज़रते ही

उसने पेड़ कटवा दिया


अब आंगन भी

उसकी गोद सा

सूना हो गया है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Kishanlal Sharma

लड़की

लड़की

1 min पढ़ें

दूरी

दूरी

1 min पढ़ें

समय

समय

1 min पढ़ें

हमसफर

हमसफर

1 min पढ़ें

अंत

अंत

1 min पढ़ें

शब्द

शब्द

1 min पढ़ें

काश

काश

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Tragedy