STORYMIRROR

Kishanlal Sharma

Abstract

4  

Kishanlal Sharma

Abstract

लड़की

लड़की

1 min
277

जैसी भी हूँ

पर

हूँ मैैं  एक लड़की


तुम मुझे चाहो, प्यार करो

मुझे अपना बना लो

या मुझे छोड़ दो

है  तुम्हारी मर्जी

लेकिन मैं हमेशा  

तुम्हारी सच्ची दोस्त रहूंगी


कभी भी तुुमसे

कुछ भी नही मांगूंगी

सिर्फ दो चीजो के

कभी मेरा दिल मत दुखाना

और

मेरा इस्तेमाल मत  करना।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract