Kishanlal Sharma
Inspirational
आदमी आदमी नहीं रहा
भेेड़िया हो गया है,
सब जानतेे हैं
भेेड़िया
जान का दुश्मन होता हैै
इसलिय उससे सतर्क रहते हैं
पर आदमी से कैसे बचें
सब एक से दिखते हैं
एक सा व्यवहार करते हैं
भेेड़ियापन
बाहर नही
आदमी के अंदर छिपा रहता है।
लड़की
भेड़िया
दूरी
समय
हमसफर
अंत
शब्द
कोरोना
काश
कहो,न कहो
कभी मुस्कराकर कभी नम आंखों से कभी मुस्कराकर कभी नम आंखों से
मैं कल हूं हां मैं जल हूं, मैं कल हूं हां मैं जल हूं! मैं कल हूं हां मैं जल हूं, मैं कल हूं हां मैं जल हूं!
सरहद पर खड़े सैनिकों को नमन, जो रखते हर पल चमन में अमन। सरहद पर खड़े सैनिकों को नमन, जो रखते हर पल चमन में अमन।
करोना कहर ने यह सबक सिखा दिया अच्छे बुरे ,सबको घर में बैठा दिया । करोना कहर ने यह सबक सिखा दिया अच्छे बुरे ,सबको घर में बैठा दिया ।
बच्ची ही बना रहना चाहती हूँ हमेशा उनके लिए! बच्ची ही बना रहना चाहती हूँ हमेशा उनके लिए!
गुंजाती पायल की रुन-झुन, कदम मुबारक पड़े जहाँ पर, गुंजाती पायल की रुन-झुन, कदम मुबारक पड़े जहाँ पर,
चांद- सूरज की खूबसूरती भी हमारी बूढ़ी आंखें आंक नहीं पाती हैं। चांद- सूरज की खूबसूरती भी हमारी बूढ़ी आंखें आंक नहीं पाती हैं।
जिनके जेहन में फतह करने का मजबूत इरादा होता है... जिनके जेहन में फतह करने का मजबूत इरादा होता है...
धन की गरीबी ना मिटा सकें तो कोई बात नहीं; पर अपने मन की गरीबी को जरूर मिटाएं। धन की गरीबी ना मिटा सकें तो कोई बात नहीं; पर अपने मन की गरीबी को जरूर मिटाएं।
पानी जैसा चरित्र का दर्पण शालीन भाव से निर्मल निश्छल ! पानी जैसा चरित्र का दर्पण शालीन भाव से निर्मल निश्छल !
बहुत सहा है हिन्द न अब तक, दुश्मन की छाती पर टैंक चढा डालो। बहुत सहा है हिन्द न अब तक, दुश्मन की छाती पर टैंक चढा डालो।
वक्त आज तुम्हारा है कल जानें किसका होगा कौन। वक्त आज तुम्हारा है कल जानें किसका होगा कौन।
मेरा काशी है तू मेरा काबा भी है तू। मेरे दिल में सदैव समाया रहता है तू हे मेरे प्रभु। मेरा काशी है तू मेरा काबा भी है तू। मेरे दिल में सदैव समाया रहता है तू हे मेर...
सांसों को प्राणवान बनाती है मां निराशा में आशा का संचार कराती है मां। सांसों को प्राणवान बनाती है मां निराशा में आशा का संचार कराती है मां।
कतरा-कतरा समेटती खुद को जोड़ती खुश हूं मैं कतरा-कतरा समेटती खुद को जोड़ती खुश हूं मैं
देश के प्रति आपका भी कुछ कर्तव्य भी उसे भी तो कीजिये। देश के प्रति आपका भी कुछ कर्तव्य भी उसे भी तो कीजिये।
सुख की आस दिलाती है जीवन रस से है परिपूर्ण सुख की आस दिलाती है जीवन रस से है परिपूर्ण
ममता की छाँव का मान कीजिये माँ का कभी ना अपमान कीजिये ! ममता की छाँव का मान कीजिये माँ का कभी ना अपमान कीजिये !
सकारात्मक लक्ष्य जीवन में बनाना है, लक्ष्य की प्राप्ति को जीवन का उद्देश्य बनाना है l सकारात्मक लक्ष्य जीवन में बनाना है, लक्ष्य की प्राप्ति को जीवन का उद्देश्य ब...
हिन्दी हैं हम हिन्दी हैं हम