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Arunima Bahadur

Inspirational

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Arunima Bahadur

Inspirational

सुरक्षित पर्यावरण

सुरक्षित पर्यावरण

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वीभत्स पुकार, ये चीत्कार

जन जन में फैला हाहाकार

वायु प्रदूषित, जल है प्रदूषित

मानव का विचार प्रदूषित

कौन आये कौन समझाए

अरुणिमा को ये समझ न आये

कदम एक बढ़ाऊँ मैं

सोई मानवता जगाऊँ मैं

विचारों की क्रांति लाऊँ मैं

जन जहां फिर मुस्कायेगा

सुख के गीत गायेगा



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