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Anita Sudhir

Romance

3  

Anita Sudhir

Romance

सुना तुमने

सुना तुमने

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सुना तुमने

तुम सुन पा रहे हो न

बताओ कब सुनोगे

तुम क्यों नही सुनते

देखो न


ये सावन का संगीत सुन पा रहे हो न

बरसते मेघों की टिपटिप 

पक्षियों का कलरव सुन रहे हो न

फूलों की खुश्बू 


धरा की हरियाली सुन पा रहे हो न

मंद बयार

पक्षियों का कलरव सुन रहे हो न 

क्या यही प्यार है


रागिनी बज रही चहुँ ओर अब 

मौसम गुनगुना रहा है 

क्या यही प्यार है !


एक दूसरे की धड़कनों को सुने

एक दूसरे में खो रहे है हम

दो जिस्म एक जान हो रहे हम

हाँ यही प्यार है।


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