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Sandeep Kumar

Inspirational

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Sandeep Kumar

Inspirational

सत्य स्नातन धर्म का

सत्य स्नातन धर्म का

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एक अकेला मोदी के पीछे, चल रहा पूरे देश है

सत्य स्नातन धर्म का, बदलता देखो परिवेश हैं।।


बजाता ढोल डमरू थाली, दीपक में क्या तेज हैं

एक आह्वान पर रूका हुआ, पूरा भारत देश है।।


जाति धर्म नस्ल भेद से, उपर उठा अब देश है

सत्य स्नातन धर्म का, बदलता देखो परिवेश हैं।।


जिसे बैठाया कमलों का आसन, वह एक योगी हैं

हजारों वर्षों के बाद में, निकला यह एक मोदी हैं।।


जो पूरे दुनिया का नजरिया, बदल दिया नज़रों से

बाला कोठ गया सैनिक, भगवा लहराया योगी से।।


सत्ता के कुकर्मी को, कर्म सिखाया मोदी जी

जल थल नभ में, परचम लहराया मोदी जी।।


भावना को भाव दिया, ग़रीब को दिया आस

मोदी ने जीत लिया, देश विदेश का विश्वास।।


एक सुत्र में बांध दिया, बता दिया वह आज

दुनिया वालों देख लो, सत्य स्नातन का ताज।।


हम किसी से पीछे नहीं, हमें दिया आत्म विश्वास

सत्य स्नातन धर्म का, परचम लहर रहा है आज।।



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