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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

एक बोनी उड़ान या छोटी स बड़ीउड़ान

एक बोनी उड़ान या छोटी स बड़ीउड़ान

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छोटे से छोटे काम ही आदमी को बनाता है सोना

ऊंची मन्ज़िल पर जाने का ये है एक जादूटोना

बड़े मकान की शुरुआत नींव से होती है

नींव से ही होता है मकान का मजबूत कोना कोना


सफलता का मंत्र यही है

बड़े बनने का यंत्र यही है

छोटे छोटे काम ही बनाते है बहादुर भगौना

चलता चल, छोटे छोटे कदम रखता चल,

छोटी छोटी बोनी उड़ानों से ही,

छू पाता है आदमी ऊंची उड़ानों का कोना कोना


हर मंन्जिल की शुरुआत एक क़दम से होती है,

कदम से कदम मिलने पर हर मन्ज़िल प्राप्त होती है

मन्ज़िल पाने का रास्ता है ये बहुत ही सलोना

ये है छोटे कदमों का

लगातार चलते हुए कभी न सोना

दरिया से साखी हर रोज एक

गिलास पानी की निकालकर तो देख

दरिया भी हार जायेगा,

वो भी बन जायेगा ख़ाली सा एक दोना


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