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Rabindra Mishra

Inspirational

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Rabindra Mishra

Inspirational

अासमां से आगे

अासमां से आगे

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आस्मांपे चाँद सितारे

कितने सुहाने लगते हैं

हाथ हिलाकर हमको

ऊपर आनेकी नियोता देते हैं ।1।


गगनपे चहकते चिड़िया कितने चक्कर पे चक्कर लेते हैं

गुब्बारे भी ऊपर उडनेकी

हमेशा कोशिश में रहता है ।2।


आंख उठाकर देखे तो

होते हैं अंदर पे धड़कन

हम भी क्यों ना उड़े ऐसे

दिल मे ऐसा एक अरमान जागता है।3।


सपने हो या अरमान

जीने की आरजू जगाते है

बस लक्ष्य में अड़े रहना

तो सपने भी हाथ पकड़ते हैं ।4।


ऐसा मत सोचो कि

हम कुछ कर नही पाएंगे

धरती पे रेंगते-रेंगते

यह जीवन ऐसे काट जाएंगे ।5।


भरोसा रखना है कबुद पे

खुदको प्यार करो जी-जान

आसमान तो कुछ भी नहीं आसमान से आगे लोगे बौनी उड़ान।6।


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