STORYMIRROR

AVINASH KUMAR

Romance

3  

AVINASH KUMAR

Romance

सती बिना महादेव का

सती बिना महादेव का

1 min
193

उड़ता हुआ भौरां कलियों से कह गया

बेबसी का घूंट पपीहा ये कैसे पी गया

चांदनी रातों में ये जुगनू कैसे चमक गया

बिछड़ के भी ये शख्स जिंदा कैसे रह गया?


सती बिना महादेव का , रती बिना कामदेव का

प्रेमिका के बिना प्रेमी का, सीप बिना मोती का

विरह बिना मिलन का, शोक बिना आनंंद का

तुुुुुम्हारे बिना मेेेेरा, हाल ही कुछ और हैै!  


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance