STORYMIRROR

Jai Singh(Jai)

Tragedy Action Inspirational

4  

Jai Singh(Jai)

Tragedy Action Inspirational

"स्थिति चाहे प्रतिकूल हो "।

"स्थिति चाहे प्रतिकूल हो "।

1 min
183

स्थिति चाहे प्रतिकूल हो, जीवन कंटक भूल।

मानव मन जज्बाती बन, करता उसको फूल।


करता उसको फूल, उम्मीद सब जगा जाता।

क्लेद मनुष्य भूलकर, पार नैया कर पाता।


कह" जय "रखना होश, कितनी विपरीत परिस्थिति।

बदलना रूख हवा, चाहे प्रतिकूल हो स्थिति।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy