STORYMIRROR

V. Aaradhyaa

Romance

4  

V. Aaradhyaa

Romance

सर्द रातों में अगन लगी

सर्द रातों में अगन लगी

1 min
5

सर्द रातों में तेरी छुअन से लगी है अगन ,

आकर अपने बाहुपाश में कस लो सजन !


सर्दी की ठंडी - ठंडी ठिठुरती लंबी रातों में ,

हमने कहा लेकर हाथ उनका अपने हाथों में !


आखिर कह दी हमने अपने दिल की बात ,

कि अब हमें रहना है हमें आपके ही साथ !


अब आप चाहे कितना भी दूर जाएं मुझसे ,

पर उनकी बांहों में सोने को मेरा मन तरसे !


अबके सर्दियां रातों को सताती खूब है ,

अब आ भी जा,क्यूँ मुझसे दूर मेरा महबूब है !



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance