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Sachin Tiwari

Inspirational

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Sachin Tiwari

Inspirational

सपने

सपने

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कुछ सपने खरीद लिये मैंने l

          नींद बेचकर रातों की ll

पूरा करने की, जिद में उन्हें l 

         कुर्बानी दी जज्बातों की ll


लाख कोशिशें की मैंने, पर l

      तकदीर को जब, न खरीद सका ll 

सौदा ए मुकद्दर, तय न हुआ l

      तो लकीरें बदल दी, हाथों की ll


जिद के आगे झुका नहीं, मैं l

         मार झेल कर, हालातों की ll

चलता रहा, कभी फ़िक्र न की l

          राह में बिखरे कांटों की ll


शिद्दत से चाहत थी, जिसकी l

         जिद से अपनी, पाया उसे ll

लड़ने से कभी, डरा नहीं मैं l

         मैदान ए जंग, हालातों की ll


चैन भी बेचा, सुकूं भी बेचा l

      बेच दी खुशियाँ, दिल की सारी ll 

झरोखे बेच दिये, आंखों के l

        तन्हा रह गई, आंख बेचारी ll


सपने पूरे किए है, दिल के l

         बेच के अरमान, दिल के सारे ll

सौदा न था घाटे का यह l

       मंज़िल खुद चल कर है पधारी ll


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