सफ़र इश्क़ का।
सफ़र इश्क़ का।
बस स्टैंड पर पहली मुलाक़ात हुई थी,
हम दोनों ही बस का इंतज़ार कर रहे।
दोनों आमने सामने बैठकर चाय पीते,
हम दोनों का सफ़र भी साथ साथ था।
पता चला जिस बस में बैठ संग जाना,
वो बस किसी वजह से नहीं आ पायीं।
तो मजबूरीवश में ट्रेन में जाना हमें था,
एक ही बोगी में सीट भी मिल गई थी।
ट्रेन में बैठकर करना ये सफ़र इश्क़ का,
शिमला जाते हुए एक-दूजे को देखकर।
दोनों की नज़रों में दिखा बेपनाह इश्क़,
शिमला आने तक ऐसे करते इश्क़ हम।

