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Dr. Anu Somayajula

Abstract

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Dr. Anu Somayajula

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स्कूल हमारा

स्कूल हमारा

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स्कूल हमारा बड़ा निराला

सुबह - सबेरे रोज़ बुलाता,

आओ आओ, दौड़े आओ

ईश वंदना सब मिल गाओ।


फ़िर अपनी कक्षा में जाते

हल्ला गुल्ला ख़ूब मचाते,

ज्यों ही टीचर अंदर आतीं

सारे एकदम चुप हो जाते।


कोई आए, इतिहास पढ़ाए

कोई गुणा - भाग सिखाए,

कोई देश – विदेश घुमाए

कोई चित्रों में रंग भरवाए।


खाने की छुट्टी होते ही

सारे अपने टिफिन खोलते,

जो भी होता चट कर जाते

मिल बांट कर मौज मनाते।


पढ़ाई के संग खेल ज़रूरी

कहते पी टी टीचर हमसे,

कभी झूलते, कभी दौड़ते

और कभी फुटबॉल खेलते।


फ़िर बजता घंटा टन टन

होती यह छुट्टी की धुन,

कल मिलने की बातें करते

अपने अपने घर को जाते।


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