Priyanka Gupta
Tragedy
पैसा सब कुछ नहीं यह उतना ही सच है ,
जितना कि पैसा बहुत कुछ होता है।
थमना है
थमना
ठहर जाना
प्रेमविहीन जी...
खुराक सपनों क...
सहअस्तित्व
वर्तमान
कभी सोचा नहीं
तुम्हारा साथ ...
याद आते हो
दिल में धधकती नफरतो औऱ हिंसा की आग है। दिल में धधकती नफरतो औऱ हिंसा की आग है।
आती है......! कोई चाह कर भी नही बता पायेंगा।। आती है......! कोई चाह कर भ आती है......! कोई चाह कर भी नही बता पायेंगा।। आती है......! कोई...
हर पल वो जताती है रहती वफा नाम का, हम सहते ही रहते हैं, बेवफाई प्यार में। हर पल वो जताती है रहती वफा नाम का, हम सहते ही रहते हैं, बेवफाई प्यार में।
कभी जो उदास हो जिंदगी को सोचता हूं, टूटते तारे सी अजीब सी रोशनी होती है। कभी जो उदास हो जिंदगी को सोचता हूं, टूटते तारे सी अजीब सी रोशनी होती है।
जब तुझे कोई दवा मिलती नही तू आकर हाँथो में कलम देती है। जब तुझे कोई दवा मिलती नही तू आकर हाँथो में कलम देती है।
कैसे इन रिश्तों का पाओगे एहसास बगैर बिटिया के.. कैसे इन रिश्तों का पाओगे एहसास बगैर बिटिया के..
एकता और संस्कृति भूल चुके हैं एक दूसरे से मानवता भूल चुके हैं। एकता और संस्कृति भूल चुके हैं एक दूसरे से मानवता भूल चुके हैं।
अपने खूबसूरत बालों को, कुछ पलों में काट दिया, तेरे साथ गुजारे लम्हों में, हमने खुद क अपने खूबसूरत बालों को, कुछ पलों में काट दिया, तेरे साथ गुजारे लम्हों में, ...
बारिश होनी है चुनाव की, मेंड़क कर रहे टर टर। बारिश होनी है चुनाव की, मेंड़क कर रहे टर टर।
बहुत बदनाम है वो गलियां वहां मैंने कुछ देर ठहर के देखा है। बहुत बदनाम है वो गलियां वहां मैंने कुछ देर ठहर के देखा है।
तुम्हें कोई मैसेज नहीं करती हूँ, अपने स्वाभिमान को महत्त्व देने लगी हूँ आजकल। तुम्हें कोई मैसेज नहीं करती हूँ, अपने स्वाभिमान को महत्त्व देने लगी हूँ आजकल।
दिल के दरवाजे खुले है "मुरली", तुझे उम्र भर दिल में रहेना होगा। दिल के दरवाजे खुले है "मुरली", तुझे उम्र भर दिल में रहेना होगा।
कोई तुम्हारा अपना था, यह तुम तब ही जान पाओगी।" कोई तुम्हारा अपना था, यह तुम तब ही जान पाओगी।"
किसी को दिल से निकालना , होता है नहीं आसान। किसी को दिल से निकालना , होता है नहीं आसान।
हरे पत्ते आप महानगरो में कम ही पाएंगे...आधुनिक जमाना है। हरे पत्ते आप महानगरो में कम ही पाएंगे...आधुनिक जमाना है।
आज मेरे शहर की गली में वो दिखा था कुछ उदास कुछ बुझा -बुझा ऐसा मुझे लगा। आज मेरे शहर की गली में वो दिखा था कुछ उदास कुछ बुझा -बुझा ऐसा मुझे लगा।
जीवन के सफर में मिलते हैं, ऐसे कई अजनबी रिश्ते। जीवन के सफर में मिलते हैं, ऐसे कई अजनबी रिश्ते।
एक और दिन बीत गया, तुम्हें बिना सुने हुए मैं फिर उदास हूं बिना तुमसे मिले , मेरा एक और दिन बीत गय... एक और दिन बीत गया, तुम्हें बिना सुने हुए मैं फिर उदास हूं बिना तुमसे मिले , म...
काश वो वक्त वापस आता तो शायद सब खुश होते तो शायद अब जाना न पाड़ता... काश वो वक्त वापस आता तो शायद सब खुश होते तो शायद अब जाना न पाड़ता...
नई उम्मीद तलाशने के लिए, गिनती का सांस बाकी अभी। नई उम्मीद तलाशने के लिए, गिनती का सांस बाकी अभी।