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Bhoop Singh Bharti

Inspirational

4.0  

Bhoop Singh Bharti

Inspirational

#सीधी बात : नया सवेरा

#सीधी बात : नया सवेरा

1 min
241


समाज से शोषित हूँ

रस्मों से शापित हूँ

साहिल को ढूँढूँ कैसे

मैं भंवर से भ्रमित हूँ।


मन मेरा कलुषित है

तन मेरा दूषित है

शांति को ढूँढूँ कैसे

आत्मा अहम से पोषित है।


परम्पराओं का तोड़ घेरा

छोड़ कर सब तेरा मेरा

सत्य अहिंसा की राह पकड़

खोजूंगा मैं नया सवेरा।



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