STORYMIRROR

Ritika Jain

Inspirational

4  

Ritika Jain

Inspirational

शक्ति है नारी

शक्ति है नारी

1 min
180

शक्ति है नारी 

पड़ सकती है सब पर भारी 

मां की ममता के साथ 

है काली की छाया 

उसे नुकसान पहुँचाने वाला 

कभी ना सुखी रह पाया 

वो है किसी की बेटी 

है किसी की बहना 

सोना चांदी तो नहीं 

पर है अमूल्य गहना 

शक्ति है नारी 

पड़ सकती है सब पर भारी 


खुद के सपनों को 

जिसने है मारा 

अपने बच्चों का भविष्य 

है उसने संवारा 

मार दिया गया उसको 

मां की ममता ना मिली जिसको 

ना मिला पिता का प्यार 

मिली तो सिर्फ इस जालिम दुनिया से हार 

शक्ति है नारी 

पड़ सकती है सब पर भारी 


साथ दो तुम उसका 

सम्मान वो तुम्हें देगी 

अपमान करो तुम उसका 

पीछे मुड़ के न देखेगी 

परिवार की खुशियों का 

बीज जिसने बोया है 

उसने भी अपने 

उम्मीदों को खोया है 

शक्ति है नारी

पड़ सकती है सब पर भारी 


है करुणा की मूर्त वो 

भोली सी एक सूरत वो 

पर खुद के लिए वो लड़ेगी 

असमान तक की चोटी चढ़ेगी 

उड़ना उसे भी आता है 

पर फिर भी जमीन से 

गहरा नाता है 

शक्ति है नारी

पड़ सकती हैं सब पर भारी ।।


 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational