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Ritika Jain

Children

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Ritika Jain

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हमारे प्यारे दादा जी

हमारे प्यारे दादा जी

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अनुभव का है उनके पास पिटारा 

इस परिवार का है वो सहारा

देखते ही हम सबको उनके चेहरे पे आ जाती है रौनक 

अखबार और किताबें पढ़ते है पहन के वो ऐनक ।।


बचपन में जब किसी काम का नहीं था भोज

हम सब बच्चे खेलते थे उनके साथ रोज़

सुबह सैर पे जाना उनको बहुत है भाता 

हम सभी से उनका बहुत गहरा है नाता।।


आप हमेशा स्वस्थ रहे यही है हम सब की कामना 

नहीं हो किसी भी तकलीफ़ से आपका सामना 

मम्मी पापा की डांट से आपने हमें है बचाया 

नहीं पड़ने दिया हम पर कोई बुरा साया ।।


प्रेम से बना है उनका नाम 

करते है हम सब उनको प्रणाम 

दादी के है वो राज कुंवर 

घर बसा है जिनका ब्यावर।।


आज का दिन तो है बहुत खास 

खुशियों से जगमग हो आपका जीवन यही है हमारी आस

जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई हो आपको 

नज़र ना लगे किसी सी की हम सबके साथ को ।।



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