STORYMIRROR

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Tragedy Action

4  

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Tragedy Action

शुक्रवार अब पत्थरवार हो गया

शुक्रवार अब पत्थरवार हो गया

1 min
285

चारों तरफ ये कैसा हाहाकार हो गया ।

शुक्रवार का नाम अब पत्थर वार हो गया ।।


जेहादियों की भीड़ घर से निकलने लगी है 

नफरत की आग दिलों में सुलगने लगी है 

औकात दिखाने की चाहत फिर उठने लगी है 

कट्टरपन की हवाएं अब फिर से बहने लगी हैं 

"अहिंसक" आज फिर से कसूरवार हो गया 

शुक्रवार का नाम अब पत्थर वार हो गया ।।


ईंट, पत्थर, बम, तलवार सब जोश में आ गए 

पेट्रोल बम भी उठ उठकर आक्रोश में आ गए  

दंगा, बलवा, मारकाट, इन्हीं का बोलबाला है 

धर्म की अफीम के नशे में हुआ ये मतवाला है 

अरब जगत भी इन सब का मददगार हो गया 

शुक्रवार का नाम अब पत्थर वार हो गया ।।


चारों तरफ ये कैसा हाहाकार हो गया ।

शुक्रवार का नाम अब पत्थरवार हो गया । ।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy