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Sunil Kumar

Abstract

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Sunil Kumar

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श्रमिक जीवन

श्रमिक जीवन

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श्रमिक जीवन की भी

क्या अजब कहानी है

तन पर न ढंग का कपड़ा

पेट भर न दाना पानी है


श्रमिक जीवन की भी

क्या अजब कहानी है।

रोजी-रोटी के खातिर

निस दिन पलायन जारी है


दुखों से इनका गहरा नाता

खुशियां तो हुई बेगानी हैं

श्रमिक जीवन की भी

क्या अजब कहानी है।


हर मौसम की मार ये झेलता

दुःख पीड़ा जीवन भर सहता

पर हार कभी न मानी है

श्रमिक जीवन की भी

क्या अजीब कहानी है।


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