सुरशक्ति गुप्ता
Classics
मानव शरीर की सबसे बड़ी भूख
उसके अंदर बसे "अहं"की होती है
और इसकी मनपसंद खुराक है-रिश्ते नाते
जिन्हे यह शनैः शनैः निगलता रहता है,
और व्यक्ति को पतन की ओर ले जाता है।।।
आत्मीय कंपन
प्यार
प्रेम संदेश
नवरात्रै
रंगोत्सव
श्रीराम
विश्व हिंदी द...
एकान्तता
सर्वश्रेष्ठ उ...
चाह मेरे मन की लिखना चाहूँ तेरी महिमा असंख्य पेड़ मेरी क़लम हों चाह मेरे मन की लिखना चाहूँ तेरी महिमा असंख्य पेड़ मेरी क़लम हों
Aaina bhi sharmata hoga tujhe dekh kar, Chand bhi roshni maangta hoga tujhse guzar kar. Jo mohabbat ... Aaina bhi sharmata hoga tujhe dekh kar, Chand bhi roshni maangta hoga tujhse guz...
मैं नहीं जानता कि क्या सामान ज़रूरी है,<br>चेहरा ज़रूरी है कि मुस्कान ज़रूरी है।<br><br>वो कहता है क... मैं नहीं जानता कि क्या सामान ज़रूरी है,<br>चेहरा ज़रूरी है कि मुस्कान ज़रूरी है।...
धीरे धीरे चल ए ज़िन्दगी … जी लूँ मैं हर पल ए ज़िन्दगी … ज़िन्दगी तू जो मिली धीरे धीरे चल ए ज़िन्दगी … जी लूँ मैं हर पल ए ज़िन्दगी … ज़िन्दगी तू जो मिली
थोड़ी कशमकश थोड़ी उलझनें तपती तीखी बरसती धूप में छांव ढूंढ ली जिंदगी तेरे राहे-ए-सफर में मुस्कुराहटे... थोड़ी कशमकश थोड़ी उलझनें तपती तीखी बरसती धूप में छांव ढूंढ ली जिंदगी तेरे राहे-ए...
कभी थी तू मेरी हँसी की वजह, हर ग़म में तेरे साथ की चाहत रही। बिना सोचे, बिना डरे सब कह देती थी, क्यो... कभी थी तू मेरी हँसी की वजह, हर ग़म में तेरे साथ की चाहत रही। बिना सोचे, बिना डरे...
हाल पूछने मत आना, घाव भर गए हैं, वक्त के मरहम से, अब ज़ख्म सिल गए हैं। रिश्तो की दुहाई म... हाल पूछने मत आना, घाव भर गए हैं, वक्त के मरहम से, अब ज़ख्म सिल गए हैं। &nb...
*** एक ख़्वाब ***<br><br>सागर के तट पर हाथ पकड़े,<br>मैने उन्हें चहकते देखा है,<br>बिछड़ने के अंदेशे... *** एक ख़्वाब ***<br><br>सागर के तट पर हाथ पकड़े,<br>मैने उन्हें चहकते देखा है,<...
पुरानी किताबों की खुशबू, एक जादू सा बिखेरे, हर पन्ना कुछ कहे, जैसे वक्त को धीरे-धीरे घेरे। उनमें दबी... पुरानी किताबों की खुशबू, एक जादू सा बिखेरे, हर पन्ना कुछ कहे, जैसे वक्त को धीरे-...
अगली बार जब हम मिलेंगे थोड़े मटमैले दिखेंगे यादों से सने हुए अगली बार जब हम मिलेंगे थोड़े मटमैले दिखेंगे यादों से सने हुए
अहंकार न कभी खुद को जीता है ना किसीसे हारा है जीत जीत का जश्न मनाते खुद को भ... अहंकार न कभी खुद को जीता है ना किसीसे हारा है जीत जीत का जश्न ...
चलो ! चलें उस सफ़र पर जहाँ मौन हो, एकांत हो !! मिला दूँ तुमको, तुम्हीं से चलो ! चलें उस सफ़र पर जहाँ मौन हो, एकांत हो !! मिला दूँ तुमको, तुम्हीं से
बिछड़ के भी, उससे दूर ना हो सके हम, दिल की तलब ही कुछ ऐसी है, यादों के साये में, जीते है... बिछड़ के भी, उससे दूर ना हो सके हम, दिल की तलब ही कुछ ऐसी है, यादों ...
प्रेम सिर्फ़ पास होने का नाम नहीं, कभी-कभी ये दूर रहकर भी साथ निभाने का साहस माँगता है। प्रेम सिर्फ़ पास होने का नाम नहीं, कभी-कभी ये दूर रहकर भी साथ निभाने का साहस माँ...
नाजुक मेरी काया थिरके ! ये आँखें भी हुई लालेलाल नाजुक मेरी काया थिरके ! ये आँखें भी हुई लालेलाल
जीवन में कभी- कभी कुछ ऐसा घट जाता है, जिस पर विश्वास कर पाना, बहुत ही मुश्किल हो जाता है। जीवन... जीवन में कभी- कभी कुछ ऐसा घट जाता है, जिस पर विश्वास कर पाना, बहुत ही मुश्किल हो...
किसी के पास रहकर भी, उसे छू ना सके हम, पर किसी को दिल की गहराई में उतार चुके हम , दूर रहते हैं... किसी के पास रहकर भी, उसे छू ना सके हम, पर किसी को दिल की गहराई में उतार चुके हम ...
कही पड़ा है सूखा जग में,कहीं बहुत है पानी। हे विधि!कैसे रचते हो तुम अदभुत अमिट कहानी।। कहीं अधिकता ... कही पड़ा है सूखा जग में,कहीं बहुत है पानी। हे विधि!कैसे रचते हो तुम अदभुत अमिट क...
काला वर्ण मेरा, मै श्याम रग़ मे मिली, एक शाम को श्यामा, श्याम वर्ण मे घूली. काला वर्ण मेरा, मै श्याम रग़ मे मिली, एक शाम को श्यामा, श्याम वर्ण मे घूली.
“मैं स्त्री हूँ… मैंने हर बार खुद को समेटा, ताकि कोई और पूरी जगह ले सके।” “मैं स्त्री हूँ… मैंने हर बार खुद को समेटा, ताकि कोई और पूरी जगह ले सके।”