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Sumit. Malhotra

Abstract Action Inspirational

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Sumit. Malhotra

Abstract Action Inspirational

शोख कलियों।

शोख कलियों।

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शोख कलियों तुम भी ज़रा,

सा घूंघट भी सरका दीजिए।


मस्त फूलों ज़रा सा दिल को,

भी अब तो धड़का ही दीजिए।


बहारों के संग-संग अब ज़रा,

सा आप भी यूं ही हंसकर।


प्यार की उम्र भी ना अब,

इकरार करके बढ़ा दीजिए।


सुनो अपनी चंचल अदाओं से,

उदास दिल को भी हंसा दीजिए।



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