शिव पार्वती विवाह
शिव पार्वती विवाह
दिल का सिंहासन सजाओ,
विराजमान होंगे पिता शिव,
रानी पार्वती गणनाथ संग ललकारेंगी,
सजु वैराग्य का श्रृंगार करेगा हर्षोल्लास।
भोले भंडारी आए भोले भंडारी के पास,
जिनका मन नहीं है आशीर्वाद देने का।
अगर वासुकी है तो गंगा से पराजित होकर
शिव पार्वती का जल अभिषेक होगा।
सारा विश्व शिव का परिवार है।
हम कैलास पर्वत पर आए हैं। हाँ,
मेरा प्रेम भावनाओं से छलक रहा है,
शिव परिवार पर फूल राज करने आए हैं।
भष्मधारी को भक्तों को प्रणाम है।
नशे से ना जुड़ें।धराणी पर नशे से
जुड़ी कोई बात नहीं चलेगी।
जप शिव शंकर चंद्रमौलेश्वर करो
जाप देवाधिदेव आ गये।
मैंने उज्जैन को कैलाश पर्वत जैसा बना दिया है,
हृदय को हिमालय जैसा बना दिया है,
हृदय विशाल है,
महाकाल, परमपिता परमेश्वर,
विष नहीं पीएंगे,
न ही मैंने उन्हें विष का अमृत पीने के लिए बुलाया है।
इस दीन को बसंत ऋतु कर दे प्रणाम,
विराजमान होंगे महाकाल और जगतम्बा...

