STORYMIRROR

Govardhan Lal

Abstract

3  

Govardhan Lal

Abstract

शिक्षक के लिए

शिक्षक के लिए

1 min
20

दो चार शब्द शिक्षक की तारीफ़ में बोल दो

मेहनत और लगन के लिए अपना मुँह खोल दो

मान सम्मान सब पुरानी बातें हैं

जबकि वे सबको यह दिलाते हैं

जो आए वह सुनाए

कुछ सुझाव कुछ गलतियाँ गिनाए

वे कितने पानी में कौन जाने

शिक्षक सबकी सुने लेकिन किसकी माने

एक गया एक एक आया

कौन कहाँ से आया 

सुबह से शाम स्कूल में चहल कदम

जीओ, एनजीओ आने को तैयार एकदम

सब अपनी गाते हैं

साथ में कुछ आदेश लाते हैं

थोड़ा सी अच्छाई भी देख लो

शिक्षक की दिनचर्या दो दिन जीके देख लो

या फिर जो देखा उसके लिए-

दो चार शब्द शिक्षक की तारीफ़ में बोल दो

मेहनत और लगन के लिए अपना मुँह खोल दो

                                        लेखक- गोवर्धन हटीला


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract