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Amresh Kumar Akela

Abstract Romance Classics

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Amresh Kumar Akela

Abstract Romance Classics

सहेज कर सब

सहेज कर सब

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सहेज कर सब 

रखोगे किसके लिए, 

वक्त के हाथों 

सब छिन जायेगा।


ये रिश्ते-ये जायदाद 

सब हैं बताने को, 

उम्रभर चाहो जिसे

वो छोड़ जायेगा।।


है इश्क महज़

लुटाने का औजार ही,

पाने के जुस्तजू में

सब बिखर जायेगा।


दर्द है सिर्फ 

गाने के वास्ते ही, 

ग़म ना हो तो

दिल "अकेला" हो जायेगा।।


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