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Amresh Kumar Akela

Abstract Tragedy Classics

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Amresh Kumar Akela

Abstract Tragedy Classics

CORONAहो जाये अगर

CORONAहो जाये अगर

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हो जाये अगर तबीयत खराब,

तो कोई क्या ही कर लेगा।


जो रुलाये रात भर, 

हाल पूछ कर क्या ही कर लेगा। 


अज़ीज़ (ख़ास) होने के शौक़ीन हैं वो, 

उनसे क्यों शिकायत करूं ? 


जो आये, मुस्कुराये और चले जाये 

वो रुक कर क्या ही कर लेगा।।


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