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chandraprabha kumar

Inspirational

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chandraprabha kumar

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शौर्य महिमा नारी

शौर्य महिमा नारी

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अदम्य साहस की प्रतिमा नारी 

समाज की आधारशिला नारी ,

वह दृढ़ है अचल शिला के समान

वह वर्चस्विनी है सुदीर्घ तेज लिए।


संसार में वह आनंदपूर्वक रह सके

इसलिए नारी स्वयं को पहचाने,

वह दोषों पर शेरनी की तरह टूटे

दुष्कर्मों को शेरनी के समान ध्वस्त करे।


नारी दिव्य गुणों का प्रचार करे

अविद्या आदि दोषों को दूर करे,

सभी के हित कल्याण के लिए

नारी दिव्य गुणों को धारण करती। 


नारी समाज में महापुरुषों को जन्म देती

श्रेष्ठ संतान को जन्म देती,

धन की प्राप्ति को देने वाली हैं

समाज को आनंद और समृद्धि देती है।


नारी के मान सम्मान के लिए

सर्वस्व अर्पण करने वाले वीर हैं,

नारी क्षात्र बल की भंडार है 

साहस का उद्गम है गौरवशाली है।


परम पिता परमेश्वर ने नारी को

विद्या वीरता आदि गुणों से भरा है,

पति का अंधानुकरण न कर

सत्य और न्याय की स्थापना के लिए आगे बढ़े।


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