Pinky Shah
Drama
हम आप की नजर से,
दूर हो गये,
पर हमने नजर में,
आपको बसा लिया।
" एक सलाम माँ...
कामयाबी
शायरी
शायद
इनायत
महफ़िल - ए - श...
रब से दुआ
देव जी
सीख लिया है.....
नए आशिक हैं मिलते जो, तो फिर पुराने छूट जाते हैं। नए आशिक हैं मिलते जो, तो फिर पुराने छूट जाते हैं।
तो, फिर मिलने के इंतज़ार में ही जी रहे हैं हम। तो, फिर मिलने के इंतज़ार में ही जी रहे हैं हम।
उस लम्हे में मैंने देखा है मौत को... बहुत करीब से जिया है उन लम्हों को तिल तिल कर के उस लम्हे में मैंने देखा है मौत को... बहुत करीब से जिया है उन लम्हों को ...
हर नयी मुस्कान का मोती पिरोता है ये घर भी कुछ कहता है।। हर नयी मुस्कान का मोती पिरोता है ये घर भी कुछ कहता है।।
धीरे धीरे समय बीतने लगा, कॉलेज एक घर लगने लगा। धीरे धीरे समय बीतने लगा, कॉलेज एक घर लगने लगा।
बिलखती है ख़ामोशी चीख़ता है सन्नाटा पालनकर्ता माँग रहा है दो रोटी का आटा...! बिलखती है ख़ामोशी चीख़ता है सन्नाटा पालनकर्ता माँग रहा है दो रोटी का आटा...!
मरीज़ ये सोचकर दुखी कि डाक्टर की फीस कैसे बचाऊं, डाक्टर का दुख मरीज़ का बिल कैसे बढ़ाऊं मरीज़ ये सोचकर दुखी कि डाक्टर की फीस कैसे बचाऊं, डाक्टर का दुख मरीज़ का बिल क...
चंडी बनो, काली बनो या फिर ज्वाला सब कुछ बदल कर रख दो। चंडी बनो, काली बनो या फिर ज्वाला सब कुछ बदल कर रख दो।
उस शाम चाय की प्याली थामे मैंने एक गीत सुना, व्याकुल मन उस धुन को सुनकर थिरक उठा, उस शाम चाय की प्याली थामे मैंने एक गीत सुना, व्याकुल मन उस धुन को सुनकर थिरक ...
आकर ख़्वाबों में यूँ रोज-रोज तूम.. और इस दिल को बेक़रार न कर आकर ख़्वाबों में यूँ रोज-रोज तूम.. और इस दिल को बेक़रार न कर
अंदर और बाहर एक जैसे ही चेहरे है, हमारे पर इंसानी फ़ितरतों से गर्दिश में है, अंदर और बाहर एक जैसे ही चेहरे है, हमारे पर इंसानी फ़ितरतों से गर्दिश में है,
रंग बदलती दुनिया देखकर, गिरगिट भी नाराज है। रंग बदलती दुनिया देखकर, गिरगिट भी नाराज है।
दीपक भी बन गया तम स्तोत्र है हर ओर आज निशाचरों का जोर है दीपक भी बन गया तम स्तोत्र है हर ओर आज निशाचरों का जोर है
कोख की कोठरी से उसकी चीख बेहोश माँ भी न सुन सकी कोख की कोठरी से उसकी चीख बेहोश माँ भी न सुन सकी
न अग्नि की तपन ये है न वायु का ये वेग है न अग्नि की तपन ये है न वायु का ये वेग है
अतृप्त इच्छाओं का पागल बवंडर समझा है जिसे तुमने पास आकर देखो अतृप्त इच्छाओं का पागल बवंडर समझा है जिसे तुमने पास आकर देखो
ख्वाब देखना भी हिम्मत वालों का शौक है वह जो परछाइयों पीछा करके खुश है। ख्वाब देखना भी हिम्मत वालों का शौक है वह जो परछाइयों पीछा करके खुश है।
दिल के आँगन ये स्वर्ण सी किरणें बिखर जाती जब हर कोने में दिल के आँगन ये स्वर्ण सी किरणें बिखर जाती जब हर कोने में
पीपल की एक एक शाख सा हर घर रहा इसी आस पर पीपल की एक एक शाख सा हर घर रहा इसी आस पर
कभी जरा सी हवा चली तो बिखर जाता है सपनों का महल l कभी जरा सी हवा चली तो बिखर जाता है सपनों का महल l