Pinky Shah
Drama
हम आप की नजर से,
दूर हो गये,
पर हमने नजर में,
आपको बसा लिया।
" एक सलाम माँ...
कामयाबी
शायरी
शायद
इनायत
महफ़िल - ए - श...
रब से दुआ
देव जी
सीख लिया है.....
हम द्वेष को दिखायेंगे निकास द्वार। हम द्वेष को दिखायेंगे निकास द्वार।
हम चाह कर भी इश्क को नाम ना दे पाए। हम चाह कर भी इश्क को नाम ना दे पाए।
एक वादा मांगने की भी दरकार नहीं, एक पल साथ गुज़ारने को ना आऊंगा। एक वादा मांगने की भी दरकार नहीं, एक पल साथ गुज़ारने को ना आऊंगा।
एक शहर से दूसरे शहर , आ जाते रहे एक शहर से दूसरे शहर , आ जाते रहे
माखन चोर और कहते उसे गोपाला है। माखन चोर और कहते उसे गोपाला है।
कि आ जाओ फिर से ज़हन में मेरे और, रुसवा करो मुझे, मेरी कोई ख़ता रही है। कि आ जाओ फिर से ज़हन में मेरे और, रुसवा करो मुझे, मेरी कोई ख़ता रही है।
वक्त बहलाने को बस जैसे साथी हमें उसने बना लिया । वक्त बहलाने को बस जैसे साथी हमें उसने बना लिया ।
हम बिना यह जिंदगी सम्पूर्ण रूप से अधूरी है हम बिना यह जिंदगी सम्पूर्ण रूप से अधूरी है
हां, केवल वहीं देख पाता है अपना अक्स। हां, केवल वहीं देख पाता है अपना अक्स।
विनती करने व क्षमा माँगने से न डरें। विनती करने व क्षमा माँगने से न डरें।
मेरी अंखियाँ तरस गईं थीं, तुझे देखने को। मेरी अंखियाँ तरस गईं थीं, तुझे देखने को।
बिना रुके अपने लक्ष्य को साधिए। आप बढ़ते रहिए और आगे को। बिना रुके अपने लक्ष्य को साधिए। आप बढ़ते रहिए और आगे को।
तुम हमसे मोहब्बत करते हो बेशुमार। तुम हमसे मोहब्बत करते हो बेशुमार।
तब भटकते रह जाओगे इधर से उधर। तब भटकते रह जाओगे इधर से उधर।
जाने कैसे, जुड़ गये हैं हमारे दिलों के तार। जाने कैसे, जुड़ गये हैं हमारे दिलों के तार।
हम तो रिश्तों के लिए दुनिया को भी ताक पर बैठा जाते हैं हम तो रिश्तों के लिए दुनिया को भी ताक पर बैठा जाते हैं
हम अब अपना दर्द कहें। हम अब अपना दर्द कहें।
तेरे न होने का ख़्याल है आया। तेरे न होने का ख़्याल है आया।
जो पुरुष बहन बेटी का अपमान करे, वह आज का रावण है। जो पुरुष बहन बेटी का अपमान करे, वह आज का रावण है।
ज़रा रुको, थोड़ा सांस लो। ज़रूरी है थोड़ा आराम भी। ज़रा रुको, थोड़ा सांस लो। ज़रूरी है थोड़ा आराम भी।