End of Summer Sale for children. Apply code SUMM100 at checkout!
End of Summer Sale for children. Apply code SUMM100 at checkout!

shubham joshi

Drama


3  

shubham joshi

Drama


लोगों_को_नहीं_पता #अपने_और_पराये

लोगों_को_नहीं_पता #अपने_और_पराये

1 min 219 1 min 219

लोगों को नहीं पता है उन लोगों की बातें

करते है दिन रात वो जिन लोगों की बातें


लोगों को नहीं पता की अपने नहीं तड़पाते

अपने ही तो बनते है जो शुरू शुरू में तड़पाते


लोगों को नहीं पता अकसर अनजाने ही साथ निभाते है

फिर भी न जाने क्यों अनजाने उन्हें नहीं भाते है


लोगों को नहीं पता वो ही लोगों को समझाते है

जो खुद अकसर खुद की उलझन में खुद ही उलझे जाते है


जो सपना देखो तो उसे सपना न समझना 

क्योंकि तुम सब को नहीं पता हकीकत ही है सपना

और जो लोगों को नहीं पता वो में कैसे समझाऊँ

क्योंकि में भी उन लोगों में जो ना लोगों के मन को भाऊँ


 


Rate this content
Log in

More hindi poem from shubham joshi

Similar hindi poem from Drama