सच्चा महिला सशक्तिकरण
सच्चा महिला सशक्तिकरण
चारों तरफ़ नारी सम्मान का शोर है
जो सिर्फ धर्मों में ही है, कर्मों में नहीं।
बातों में ही है, लोगों की नीयत में नहीं
यदि नारी को सम्मान ही देना है,
तो पहले कन्या भ्रूण हत्या रोको।
लड़कियों को पहनावे के लिए नहीं,
लड़कों को, उनकी सोच के लिए टोको
लड़के और लड़की को दो, समान शिक्षण
घर संभालना लड़की का ही काम नहीं।
दोनों को मिले, घरेलू काम का प्रशिक्षण
स्त्री पढ़े लिखे और आगे बढ़े
सिर्फ कर्तव्य ही न निभाए,
अपने हक के लिए भी लड़े
असली महिला सशक्तिकरण तभी होगा,
जब यह समाज हर लड़की को
अपने बारे में फैसला करने का
बराबरी का सम्मान और हक देगा।
