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सोनी गुप्ता

Abstract Inspirational

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सोनी गुप्ता

Abstract Inspirational

सब धुंआ बन जाएगा

सब धुंआ बन जाएगा

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एक दिन वह भी आएगा जब सब छिन जाएगा, 

जो जीवन में कमाया वह सब धुंआ बन जाएगा, 


जीवन का हर रंग समेट लो जो है खुशियों वाला, 

धुंआ जिंदगी में आ गया तो तेरा सब लुट जाएगा, 


जो अनमोल परिवार तेरे साथ जी रहा उसकी सोच, 

घरों को उजाड़ कर यह जीवन भी नाश बन जाएगा, 


हर रोज देखा है गली नुक्कड़ पर धुआं उड़ाते हैं लोग, 

इस बात से अनजान एक दिन खुद धुंआ बन जाएगा, 


बच्चे और बूढ़े बैठे नजदीक जिनकी तुम्हें परवाह नहीं, 

वो दिन दूर नहीं जब तू इस नशे का गुलाम बन जाएगा, 


धुम्रपान आदत नहीं है अच्छी इसे तू जान -पहचान ले , 

जानलेवा धूम्रपान एक दिन भयानक कैंसर बन जाएगा, 


इस धुम्रपान को दे निमंत्रण अपनी मौत क्यों बुलाता है, 

वक्त है संभल जाओ वरना तेरा परिवार बिखर जाएगा !


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