Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

ARVIND KUMAR SINGH

Abstract Inspirational

4.0  

ARVIND KUMAR SINGH

Abstract Inspirational

सैनिक

सैनिक

1 min
292


हिन्द देश के हम हैं सैनिक

हिन्द हमारी शान है

हिन्द की खातिर जिन्दा हैं

हम हिन्द पर कुर्बान हैं


दुश्मन की घिघ्घी बंध जाती

जब कदमताल कर चलते हैं

थर्रा उठते दुश्मन के सीने जो

हुंकार भी गर हम भरते हैं


दिल में हमारे एक ही जज्बा 

है बस तिरंगे की शान का

मरते दम तक निभाने का

है वचन देश की आन का


थर थर कांपे दूर दुश्मन

हमारी नजर के सामने

हम सरहद पर डटे हुए

हमेशा तिरंगे को थामने


दुश्मन की न जुर्रत होगी

सीमा में घुस कर आने की

मौत से कम कोई सजा नहीं

हमसे कभी टकराने की


ओजस्वी हम तेजस्वी

हम देश के वीर कहाते हैं

दुश्मन की एक हिमाकत पे

खून की नदियां बहाते हैं


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract