सैनिक
सैनिक
मेरे देश की आन -बान-शान,
मेरे देश के सैनिकों,
कोटि-कोटि नमन आपको
मेरे देश के सैनिकों, आप से ही मेरा देश सलामत है, सच ही है आप ही देश की आन-बान और शान हो, आप हो तो हम चैन-ओ- अमन से रह सकते थे, आप प्रहरी हो देश के।
जैसे घर की मजबूती के लिए नींव भी मजबूत बनाई जाती है उसी तरह आप भी देश की सुरक्षा और सलामती के लिए हर दुःख- तकलीफ़ सह कर मजबूत बने सीमा पर डटे रहते हो।
मुसलाधार बारिश हो या तपती गर्मी, चाहे ठिठुरती- बर्फिली हो सर्दी, देश रहे अमन से, चैन की नींद सोएं सब, इसलिए आप इन सबकी परवाह किए बिना डटे रहते हो सीमा पर।
हम रहते अपने बच्चों के पास, लाड लडाते, उनके हर पल की झलक का सुख पाते मगर आप कोसों दूर अपने बच्चों से, ख्वाबो में ही उन्हें मिल पाते।
हम इक पल भी ना रह पाते दूर परिवार से अपने, आपको भी तो अपने परिवार की याद सताती होगी, कर के याद जिगर के टुकड़ों को आंख भी तो भर आती होगी, मगर फिर देशप्रेम की भाषा मन में गुनगुनाती होगी।
छोड़ घर का मोह राष्ट्र मोह की आग सीने में जग जाती होगी ।कोई भी हो त्योहार घर पर रह हम खुशियां मनाते, हो करवाचौथ या दिवाली परिवार संग मौज मनाते, खलल ना डाले कोई खुशियों में हमारी, आप सीमा पर तैनात रहते।
कभी चलना अपने जिगर के टुकड़े की थाम कर ऊंगली, कभी बड़ों का लेना आशीश, मन तो करता होगा, मगर दूर से चूम कर मिट्टी को दिल को देता तसल्ली सैनिक होगा।
कभी बीवी की काली घनेरी जुल्फों तले शाम गुजारने को मन ललचाता होगा, मगर देश- भक्ति का ख्याल फिर मन में समा जाता होगा।
कभी जब सरहद पर जंग के वक्त कोई दोस्त हो जाता शहीद होगा, कांधे पे उठाकर लाश उसकी दुश्मन को नेस्तनाबूद करने का दिया वचन होगा।
करते अन्तिम सांस तक देश की रक्षा, ऐसे जांबाज देशभक्तों को प्रणाम, कुर्बान ऐसे मात-पिता पर जिनकी आप हो सन्तान ।
है इश्वर से प्रार्थना यही सलामत रहे मेरे देश का जवान, सारे जहां की दे खुशियां इश्वर, अमर रहे जग में भारत के सपूतों का नाम।
आपके देश की एक कलमकार, जो करना चाहे आप पर जां निसार
