STORYMIRROR

Sandeep Kumar

Abstract

2  

Sandeep Kumar

Abstract

सैनिक बंदूक तान लिया है

सैनिक बंदूक तान लिया है

1 min
2.7K


घात प्रतिधात का उत्तर देने

सैनिक बंदूक तान लिया है

चिनी समान का बाजार

जनमत नाकार दिया है।।


छल कपट क्षलचंदो का

उत्तर देना आ गया है

जल थल नभ में देखा

काल चिनी मर्रा गया है।।


देश के शान पर मिटने को

जन जन ठान लिया है

घात प्रतिधात का उत्तर देने

सैनिक बंदूक तान लिया है।।


विदेश भी विस्तार निति

ड्रेगन तेरा जान गया है

इसीलिए मैदान में साथ

का देखो आ गया है।।


मौत का ख़बर प्रमुखता से

विदेश पत्र छाप दिया है

वीरता का गुणगान दुनिया

भारत का गा दिया।।


पैंगोंग झिल वापस भारत

अपने अधिकार में ले लिया

ब्रिटेन का पत्र संदेश

हर किसी को बता दिया।।


कुटनीतिज्ञ शक्ति का पावर

एक पल में देश दिखा दिया

डब्लू एच ओ और कई शक्ति

निर्विरोध हाथ में आ गया।।


घात प्रतिधात का उत्तर देने

सैनिक बंदूक तान लिया है

चिनी समान का बाजार

जनमत नाकार दिया है।।




विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract