Neelam Sharma
Romance
पता
नहीं क्यो ?
यादों के पन्ने
आज फिर
फड़फड़ाते।
मोह
के धागे
तेरी उँगलियों में,
जा उलझे
क्यों ?
संभली
तूफानों से
समंदर में फँसकर
हिदायतें लिख दी।
सहेजती
अश्रु अँखियाँ,
मिलन आस लिए
सपने समेटे बैठी।
नारी की जाति
प्रणय पथ
प्रेम और बलिद...
डिजिटल युग का...
प्रेम के रंग
प्रेम का पथ
क्यों बुद्ध ह...
सर्वनाम
ग़ज़ल
इश्क का तोता
मैंने तुम्हारे आँखों में उमड़ते हुए प्रेम के अथाह सागर को देखा है. मैंने तुम्हारे आँखों में उमड़ते हुए प्रेम के अथाह सागर को देखा है.
नज़र हमसे मिलाइए, सविता को क्यूँ सताते हैं। नज़र हमसे मिलाइए, सविता को क्यूँ सताते हैं।
दुआ करूंगा मैं तेरे लिए अपने रब से के दुख कोई तुम ऐसा अब पाओगे नहीं दुआ करूंगा मैं तेरे लिए अपने रब से के दुख कोई तुम ऐसा अब पाओगे नहीं
काली भूरी बदली छाई चपल दामिनी दमक रही. काली भूरी बदली छाई चपल दामिनी दमक रही.
घूम लियो वृंदावन कान्हा, कर आयो राधा संग रास। घूम लियो वृंदावन कान्हा, कर आयो राधा संग रास।
ताली हवा में अकेले बजाता रहा याद में तेरी खुद को सताता रहा। ताली हवा में अकेले बजाता रहा याद में तेरी खुद को सताता रहा।
एक शीशे की पारदर्शी मछली सी उछलती हुई एक शीशे की पारदर्शी मछली सी उछलती हुई
माना गलती हुई, कुछ पेड़ ना लगाए हंसी के. माना गलती हुई, कुछ पेड़ ना लगाए हंसी के.
मर कर भी देखना चाहता हूं वह चेहरा जो शरमाते हुए मुस्कराता था मर कर भी देखना चाहता हूं वह चेहरा जो शरमाते हुए मुस्कराता था
चूम लेती हूूं तुम्हारे नाम को आ जाओ गले लगा लूं एक बार हजार बार। चूम लेती हूूं तुम्हारे नाम को आ जाओ गले लगा लूं एक बार हजार बार।
तुम थीं तो जीने का आनंद था वरना जिंदा तो अभी भी हूं मैं। तुम थीं तो जीने का आनंद था वरना जिंदा तो अभी भी हूं मैं।
बस रह जाना तुम मुझमें ही, हर बार, हर जन्म दोबारा". बस रह जाना तुम मुझमें ही, हर बार, हर जन्म दोबारा".
तुम अपने होंठों से कोई गीत सुनाओ ,नयनों की भाषा से मेरा दिल बहलाओ ! तुम अपने होंठों से कोई गीत सुनाओ ,नयनों की भाषा से मेरा दिल बहलाओ !
तुम बिन नीरस जीवन पथ था, इस जीवन की तुम मुस्कान प्रिये। तुम बिन नीरस जीवन पथ था, इस जीवन की तुम मुस्कान प्रिये।
नेह भरा दीपक बन जाते। सखी बसंत में तो आ जाते। नेह भरा दीपक बन जाते। सखी बसंत में तो आ जाते।
प्रेम ग्रंथ का पहला अक्षर, लिखा जो तेरी बातों में. प्रेम ग्रंथ का पहला अक्षर, लिखा जो तेरी बातों में.
मेरे उस इश्क़ के चाहत के बदले तुम्हे भी हो जाए मुहब्बत। मेरे उस इश्क़ के चाहत के बदले तुम्हे भी हो जाए मुहब्बत।
मैं और पुरानी दिल्ली बेशकीमती बना देंगें, ताउम्र के लिए। मैं और पुरानी दिल्ली बेशकीमती बना देंगें, ताउम्र के लिए।
आब-ए-चश्म से मिटती नहीं मेरी तिश्नगी, रोज जश्न मनाती है,जख्मों से भरी ये जिंदगी। आब-ए-चश्म से मिटती नहीं मेरी तिश्नगी, रोज जश्न मनाती है,जख्मों से भरी ये जिंद...
ये अधूरापन ख़तम होगा क्या..? कब आयेगी पूर्णता। ये अधूरापन ख़तम होगा क्या..? कब आयेगी पूर्णता।