saabi .
Horror Thriller
मेरे साथ एक साया रहता है
हर पल मेरी परछाई में रहता है
पलट कर देखने पर कोई नहीं रहता
ख्वाबों में एक चेहरा रहता है
जिसके हाथों में मेरा हाथ रहता है
हकीकत में वो खोया रहता है
मेरे अंदर उसका डर रहता है
क्यों वो केवल साया रहता है।।
विदाई
ये लाल इश्क़
पुराने किस्से...
दिवाली मना ले...
"घुंघरू मेरा ...
बस एक थप्पड़ ...
कलम से
राखी, एक वचन....
हर नज़र ने कु...
जिंदगी
जिनकी जोड़ी चंद चकोरी, उनका हर पल स्वर्ग समान।। जिनकी जोड़ी चंद चकोरी, उनका हर पल स्वर्ग समान।।
विजय तिलक करे रणचंडी भी, रख, होठों पर मुस्कान। विजय तिलक करे रणचंडी भी, रख, होठों पर मुस्कान।
सुकून भरी सहज कलकल है जीवन ही जल है। सुकून भरी सहज कलकल है जीवन ही जल है।
बेवजह न घर से निकलो, हर सावधानी पर ध्यान करों। बेवजह न घर से निकलो, हर सावधानी पर ध्यान करों।
तू एक बार बिना सूर्य का सवेरा बनकर तो देख। तू एक बार बिना सूर्य का सवेरा बनकर तो देख।
प्रिय मीलों की दूरी बेशक है ये क्षितिज मन भाव से बरसे। प्रिय मीलों की दूरी बेशक है ये क्षितिज मन भाव से बरसे।
खामोश ना यूं थोड़ी सी तो बात कीजिये। खामोश ना यूं थोड़ी सी तो बात कीजिये।
बुलंद हो चुके हौंसले भी, विकास कार्यों में भी होड़ मची। बुलंद हो चुके हौंसले भी, विकास कार्यों में भी होड़ मची।
एक दीये का प्रकाश पाकर जगमगाने लगते हैं और ले जाते हैं मंजिल की ओर बेधड़क, निर्भय। एक दीये का प्रकाश पाकर जगमगाने लगते हैं और ले जाते हैं मंजिल की ओर बेधड़क, निर...
कंकाल देखकर मैं जागा, रजाई से निकलकर मैं भागा।। कंकाल देखकर मैं जागा, रजाई से निकलकर मैं भागा।।
निज नेह से निखार कर मेरा श्रृंगार हो जाना। निज नेह से निखार कर मेरा श्रृंगार हो जाना।
भारत का स्वाभिमान है जैसे किया रसपान है। भारत का स्वाभिमान है जैसे किया रसपान है।
चिता में जल कर खाक बनेगा, तब सफर कहीं पूरा होगा। चिता में जल कर खाक बनेगा, तब सफर कहीं पूरा होगा।
आंखों में थे शोले, कोई कैसे उससे बोले, आंखों में थे शोले, कोई कैसे उससे बोले,
भूमिका निभा सब चलते, बनते, सीमा, उम्र की जब पूरी हो जाती है। भूमिका निभा सब चलते, बनते, सीमा, उम्र की जब पूरी हो जाती है।
नदी के किनारे, लड़की यूं बोली, अपने दिल के राज सारे खोली, नदी के किनारे, लड़की यूं बोली, अपने दिल के राज सारे खोली,
कुछ भी करो पर ये तो बताओ किस जन्म का बैर निभाते है। कुछ भी करो पर ये तो बताओ किस जन्म का बैर निभाते है।
इस लोकतांत्रिक देश में तमाशा बना दिया है जय अराजकतावाद। जय बेशर्मी। जय मक्कार। इस लोकतांत्रिक देश में तमाशा बना दिया है जय अराजकतावाद। जय बेशर्मी। जय मक्का...
मानवता सब भूल जायेंगे, इंसान, अकेला खड़ा रह जायेगा। मानवता सब भूल जायेंगे, इंसान, अकेला खड़ा रह जायेगा।
न समय पल पढ़ना, न समय पर गृहकार्य हो जाएगा सब किया धरा भी बेकार। न समय पल पढ़ना, न समय पर गृहकार्य हो जाएगा सब किया धरा भी बेकार।