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कीर्ति वर्मा

Romance Others

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कीर्ति वर्मा

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सावन हो जाये

सावन हो जाये

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धरती पे छाया राग

अंबुआ रये बौराये

कुहू कुहू कोयल कूके

मन मोरा हर्षाये

याद तिहारी आये,

धरती पर छाई हरयाली

जामुन लदीं डाली डाली

तेरी याद में भयी मतवाली

बदरा बन आ जाओ प्रियतम

मन मयूर हो जाये,

अधर धरो अधरों पे सजना

तो सावन हो जाये।



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