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Dr Manisha Sharma

Abstract

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Dr Manisha Sharma

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साथ साथ

साथ साथ

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मेरे कदमों से जो तेरे कदमों की ताल मिले

ज़िन्दगी में ज़िन्दगी मुझे हर हाल मिले


यूँ तो कट जाएंगे रास्ते अकेले चलकर भी

मज़ा तब है तब एक से एक ताल मिले


चाँद की बरकत सितारों से होती है

फूलों की बरकत बहारों से होती है


एक से एक मिलते जाएं तो साथ बनता है

दोस्ती एक से हो तो हज़ारों से होती है।


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