STORYMIRROR

Shubham Garg

Tragedy

1  

Shubham Garg

Tragedy

रूह

रूह

1 min
367

अगर मौत के समय सिर्फ शरीर मरता है रूह नही,

तो कब मिलोगे मुझे दोबारा?

अगर मेरा शरीर भी मर गया,

तो मुझे पहचानोगे कैसे?

और मैं कैसे पहचानूंगा तुम्हे?


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy