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Jatin Pratap Singh

Romance Tragedy

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Jatin Pratap Singh

Romance Tragedy

रुला दिया

रुला दिया

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मैं कहता था मैं रोता नहीं हूं,

उस ने दिल से लगा लिया,

मुझे नहीं इस बात को,

जाते जाते ही सही रुला दिया।


अब तक तो सब ठीक था न,

अब किस ने दिल को जला दिया,

अब तक तो सब कुछ था मैं,

और अब दो पल में ही भुला दिया।


तेरा भूत भुलाने का मन था,

तूने तो वर्तमान ही जला दिया,

मैने ही आगे की सोच सोच के,

उम्मीदों से खुद को ही रुला दिया।


संदेशे पढ़ती रहना मेरे,

वादा याद है कि भुला दिया,

मुझको तो भूल गईं तुम,

क्या यादों को भी भुला दिया।

            



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