रंगों की दुनियां
रंगों की दुनियां
रंगों की दुनियां के खेल निराले,
कभी ताज़े तो कभी पुराने,
कभी लगे बहुत सुंदर,
तो कही लगे क्यों ये बवंडर,
लाल रंग से जैसे प्यार की कहानी,
कभी खतरा तो कभी कोई निशानी,
सुंदर गुलाब जैसे लाल रंग का,
तबाही मचाती आग में भी है लाली,
पीले रंग में है चमक दोस्ती की,
सुंदर वादी है जैसे सरसों की,
आंखों में है हर सुबह नई उम्मीदें,
लेकर आती है रोज सूरज की किरणें,
नीला अम्बर फैला है ऐसा,
सुंदर आंचल लहराता धरती का जैसा,
शांति और विश्वास जगाता ये रंग,
समुद्र और आकाश का मेल है ये रंग,
लाल, पीला और नीला,
रंगों का है गुट अनोखा,
तीन रंग जब ये साथ मिल जाते,
रंगों के जाने कितने गुट बन जाते।
