Pranali Kadam
Tragedy
हमने आपकी ख़ातिर
कांटों पे चलना सीखा
हद पार करके,
कांटों को घुँघरू
समझ लिया।
रक्स करके पैरों के
निशान सुहाग बन गया।।
अंत
तेरी उल्फ़त
कुसूर अपना था
रक्स
तेरी आस
ए-दास्ताँ जिं...
हर कोई है किसी न किसी नशे में चूर! इसकी बेड़ियों में जकड़ा हालात से मजबूर... हर कोई है किसी न किसी नशे में चूर! इसकी बेड़ियों में जकड़ा हालात से मजबूर...
चिमनियों से उगलता हुआ धुआं, यही अब तो बादल न्यारे हो गए... चिमनियों से उगलता हुआ धुआं, यही अब तो बादल न्यारे हो गए...
बेशक़ सागर-सी गहराई है आँखों में मेरी, पर इन्हें छलकने से रोक नहीं पाऊँगी अब... बेशक़ सागर-सी गहराई है आँखों में मेरी, पर इन्हें छलकने से रोक नहीं पाऊँगी ...
जिन आँखों में हर वक्त रहती थी ख़ुशी और चमक, उन आँखों को रिमझिम बरसते हुए देखा है... जिन आँखों में हर वक्त रहती थी ख़ुशी और चमक, उन आँखों को रिमझिम बरसते हुए देखा है...
कहर तूने खुद बुलाया अपना कफ़न तू खुद ले आया... कहर तूने खुद बुलाया अपना कफ़न तू खुद ले आया...
ये नशे की आदत है धीमा जहर युवा पीढ़ी पर ढा रही है कहर... ये नशे की आदत है धीमा जहर युवा पीढ़ी पर ढा रही है कहर...
काट दिया था किसी ने अंधेरी रात में चुपके से .. और झोंक दिया था होलिका दहन की अग्नि मे... काट दिया था किसी ने अंधेरी रात में चुपके से .. और झोंक दिया था होलिक...
तूने मेरे सपने को तोड़कर प्यार भरे एहसासों को... तूने मेरे सपने को तोड़कर प्यार भरे एहसासों को...
सतयुग वाला रावण रोये, देख कलयुग का प्रसार। द्वापर का दुःशासन विस्मित, नित देखा जब दुराचार।। सतयुग वाला रावण रोये, देख कलयुग का प्रसार। द्वापर का दुःशासन विस्मित, नित देख...
हादसों का सच !!! कौन कह पाता है ? खुलासे से तबियत बिगड़ जाती है यूँ भी खुलासे में सिर्फ़ ... हादसों का सच !!! कौन कह पाता है ? खुलासे से तबियत बिगड़ जाती है यूँ ...
कोई चोर तो नहीं फ़िर ऐसे क्यूँ काँपते हैं ? बच्चे पालने के लिए मेहनत मज़दूरी करता हूँ भ... कोई चोर तो नहीं फ़िर ऐसे क्यूँ काँपते हैं ? बच्चे पालने के लिए मेहनत म...
सूरज की रौशनी से महरूम रहा मेरा घर, घिरा रहा अंधेरों में, जुगनुओं ने साथ निभाया, यही बहुत है... सूरज की रौशनी से महरूम रहा मेरा घर, घिरा रहा अंधेरों में, जुगनुओं ने साथ निभा...
एक नश्तर-सा मेरी आँखों में चुभता छोड़कर, तुम चले गए... एक नश्तर-सा मेरी आँखों में चुभता छोड़कर, तुम चले गए...
झूठी शान दिखावे में वो, इस धरती को तड़पाता... झूठी शान दिखावे में वो, इस धरती को तड़पाता...
सफल साधना कैसे हो जब साधक ही अधनंगा है। सफल साधना कैसे हो जब साधक ही अधनंगा है।
कभी कभी कोई कोई रिश्ता जिसे हम रूह की मिटटी में दफ़न कर चुके होते हैं ,उसपर जब यादों में अ... कभी कभी कोई कोई रिश्ता जिसे हम रूह की मिटटी में दफ़न कर चुके होते हैं ,उसप...
मैं भी अंग हूँ समाज का, बनाया है मुझे भी उसी भगवान ने, फिर क्यों हर कोई धिक्कारता है मुझे मैं भी अंग हूँ समाज का, बनाया है मुझे भी उसी भगवान ने, फिर क्यों हर कोई धिक्कारत...
झूठ का लिबास पहन कर लोग आगे बढ़ जाते हैं, सच भीड़ में तनहा होकर बे-लिबास रह जाता है... झूठ का लिबास पहन कर लोग आगे बढ़ जाते हैं, सच भीड़ में तनहा होकर बे-लिबास रह जाता...
क्या गुजरती होगी भूख पर भी जब वो कई दिनों से भूखी हड्डियों को खाती होगी ? क्या गुजरती होगी भूख पर भी जब वो कई दिनों से भूखी हड्डियों को खाती होगी ?
दिलो-दिमाग़ से तो आख़िर जुड़ी ही रहेंगीं यादें तुम्हारी... दिलो-दिमाग़ से तो आख़िर जुड़ी ही रहेंगीं यादें तुम्हारी...