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Pranali Kadam

Romance

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Pranali Kadam

Romance

तेरी आस

तेरी आस

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आँखें शर्म सी झुकी हुई है

लफ्ज़ शर्म से सिले हुये हैं।

आहट हल्की सी होती हैं,

जब तुम कोई हरकत करते हो।


ये आसमाँ और ये बादल में

तेरी महक समाई हुई है।

कैसे छूलूं मैं इन हवाओँ को

कैसे सुकून मिले जो तुम फिजा़ में हो।

 


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