STORYMIRROR

Pranali Kadam

Romance

2  

Pranali Kadam

Romance

तेरी आस

तेरी आस

1 min
174

आँखें शर्म सी झुकी हुई है

लफ्ज़ शर्म से सिले हुये हैं।

आहट हल्की सी होती हैं,

जब तुम कोई हरकत करते हो।


ये आसमाँ और ये बादल में

तेरी महक समाई हुई है।

कैसे छूलूं मैं इन हवाओँ को

कैसे सुकून मिले जो तुम फिजा़ में हो।

 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance