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Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Drama

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Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Drama

रिश्ते

रिश्ते

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लाख मुख फेर लो,

रिश्ते को तोड़ लो,

पर नहीं टूटेगा 

जन्मों का बंधन !


धारा को मोड़ लो,

गति को समेट लो,

फिर भी तोड़ देती,

सरिता सब बंधन !


उसे भी एहसास है,

सागर में ही बास है,

कब तक करेंगे हम 

शिखरों पर क्रंदन !


पेड़ों की छावों में,

अपने ही गांवों में

मिलती है राहत

ममता की बाँहों में !


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